पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र
अंकगणित (अभ्यास प्रश्नावली)
मानसिक योग्यता (अभ्यास प्रश्नावली)
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अनुच्छेद 3 – अपठित गद्यांश (2018)

निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़ें और नीचे दिए गए पांच प्रश्नों के उत्तर दें। तुलसी का पौधा अधिकांश भारतीय घरों में उगाया जाता है। इस बूटी से मधुर गंध आती है। इस पौधे की पत्तियों का उपयोग पूजा के लिए होता है और उनमें औषधीय तथा रोगहारी गुण होते हैं। विश्व में तुलसी के कम-से-कम 150 प्रकार हैं। प्राचीन काल में मंदिरों का उपयोग पथिकों के विश्रामगृह के रुप में होता था। तुलसी का पौधा मंदिर के बाहर उगाया जाता था, क्योंकि इसमें प्यास रोकने का विशेष गुण होता है। जब कुछ पत्तियां जीभ के नीचे रखी जाएं, तो थके हुए पथिक, जो पानी ढूंढ रहे होते हैं, उनकी प्यास कम हो जाती है। तुलसी, जिसका मूल निवास भारत है, 16वीं शताब्दी में पश्चिमी यूरोप पहुंची। यह माना जाता है कि यदि तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ नित्य लिया जाए, तो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। चाय के लिए पानी उबालते समय यदि कुछ तुलसी की पत्तियां उसमे मिला दी जाए, तो इसमें विशेष गंध और स्वाद आ जाता है और यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भी है। यह आराम भी पहुंचती है और तनाव भी दूर करती है।