पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र
अंकगणित (अभ्यास प्रश्नावली)
मानसिक योग्यता (अभ्यास प्रश्नावली)
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अनुच्छेद 5 (अपठित गद्यांश)

निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़ें और नीचे दिए गए पांच प्रश्नों के उत्तर दें। गंगा हिमालय की पुत्री है। भारत की ज्यादातर सभ्यता का विकास इसके तट पर हुआ। इसकी घाटी में धरती सोना उपजाती है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि लोग गंगा को माता कहते हैं। पिघली बर्फ की एक पतली धारा गोमुख से पहाड़ों तक आती है। यह भागीरथी कहलाती है। जब देवप्रयाग में अलकनन्दा और मंदाकिनी नामक अन्य दो धाराएँ भागीरथी से मिलती है तब इसे गंगा के नाम से जाना जाता है। जहाँ यह हिमालय को छोड़कर समतल मैदान में आती है। उस स्थान को हरिद्वार कहा जाता है। यह अत्यंत पवित्र स्थान है। हालांकि समतल मैदान में पहुँचने पर इसका दूधिया सफ़ेद रंग मटमैला हो जाता है। संचित करने पर गंगा का जल वर्षों तक खराब नहीं होता। इसी कारण लोग इसे सुरसरी अर्थात देवताओं की नदी और इसके जल को अमृत कहते हैं।