भाषा परीक्षण (अभ्यास प्रश्नावली)
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अनुच्छेद 12 (अपठित गद्यांश)

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इस पर आधारित प्रश्रों के उत्तर दें। बाल गंगाधर तिलक पंत के पुत्र थे जो एक स्थानीय विद्यालय में शिक्षक थे। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में बाल गंगाधर ने संस्कृत में विशेष रुचि दिखायी। इनके पिता संस्कृत का कोई नया श्लोक याद करने पर शाबाशी के तौर पर उन्हें कुछ पैसे दिया करते थे। बाल गंगाधर बहुत ही चतुर बालक थे। साथ ही उनकी स्मरणशक्ति भी बेहद अच्छी थी। वे अंग्रेजी, व्याकरण, संस्कृत और गणित सभी विषयों में रुचि रखते थे और वे सभी विषय बड़ी आसानी से सीख भी लेते थे। दूसरे बच्चों की तरह वह भी स्कूल जाते थे किन्तु वास्तविक शिक्षा उन्हें होने पिता से ही प्राप्त हुई। बचपन में ही उन्होंने निडर रहने तथा सत्य और न्याय के लिए लड़ने का अभ्यास कर लिया था। बाद में उन्होंने एक अंग्रेजी स्कूल में दाखिला लिया और दो वर्षों में ही तीन कक्षाएं पास की, लेकिन वहां के शिक्षकों के साथ वह तालमेल नहीं बिठा पाए। शिक्षकों के कहने के बावजूद वो गणित के सवाल स्लेट या श्यामपट्ट पर लिखकर हल नहीं किया करते थे। वे इन सवालों का जवाब मौखिक ही दिया करते थे। वे कहते थे कि लिखकर हल करने की जरुरत उन्हें नहीं लगती। इसीलिए शिक्षकों के साथ इनकी तालमेल नहीं बन पायी।