भाषा परीक्षण (अभ्यास प्रश्नावली)
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अनुच्छेद 16 (अपठित गद्यांश)

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इस पर आधारित पांच प्रश्नों के उत्तर दें। हमारी पृथ्वी के लगभग दो-तिहाई सतह महासागरों के जल से ढकी हुई है। इन महासागरों की गहराई के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। पृथ्वी के विशालतम पर्वत श्रेणी हिमालय भी इन महासागरों में पूरी तरह डूब सकती है। थल पर वनस्पति जीवन, पशु जीवन तथा मानव जीवन के समान महासागरों का भी अपना एक संसार है। इन महासागरों में रहने वाले पशुओं और प्राणियों तथा थल के पशुओं और वनस्पति में विशाल अंतर है। समुद्र के प्राणियों की अजीब आकृतियों और रंगों के कारण कोई भी आसानी से पौधों को पशु और पशुओं को पौधे समझने की गलती कर सकता है। मूंगे पशु हैं किन्तु एकदम फूलों जैसे लगते हैं। इन अजीब प्राणियों और पौधों के कारण महासागरों को अपने आप में अजायबघर माना जाता है।