भाषा परीक्षण (अभ्यास प्रश्नावली)
2 of 2

अनुच्छेद 1 – अपठित गद्यांश (2019)

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और नीचे दिए गए पांच प्रश्नों के उत्तर दें। अपने बीजों, छाल और पत्तियों के औषधीय लाभों के कारण नीम के वृक्ष को गांव का औषधालय कहा जाता है। संस्कृत में इसे ‘अरिष्ट’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है – निर्दोष, नष्ट न होने वाला और पूर्ण। कीटों के नियंत्रण में नीम का तेल महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और इसका उपयोग मच्छर प्रतिरोधक के विकल्प के रुप में भी किया जा सकता है। नीम के बीजों की खली उर्वरक के रुप में प्रयुक्त होती है। नीम की पत्तियों का लेप चेचक की चिकित्सा में काम आता है। नीम की टहनियाँ, जिन्हें सामान्यतः ‘दातुन’ कहते हैं, गावों में दांत के ब्रश के रूप में प्रयुक्त होती हैं।